केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री का बड़ा बयान, आयुर्वेदिक कालेजों को लेकर कही ये बात
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच और दूरदर्शी विचार ने 2014 में आयुष मंत्रालय का गठन किया। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली: केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच और दूरदर्शी विचार ने 2014 में आयुष मंत्रालय का गठन किया और उसके बाद देश भर में आयुर्वेदिक कालेजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार जाधव ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि आयुर्वेद हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है, लेकिन वर्ष 2014 से पहले हमारे देश में आयुष मंत्रालय भी नहीं था।
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प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच ने 2014 में आयुष मंत्रालय का गठन किया। इस मंत्रालय के बनने के बाद बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक कालेज खुले।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश भर में 520 आयुर्वेदिक कालेज थे , वहीं वर्ष 2024-25 में 883 कालेज हैं। इस प्रकार आयुर्वेदिक कालेजों की संख्या में लगभग 60 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पीजी कालेज में सीटों की संख्या में 95 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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उऩ्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि किसी भी राज्य में नया कॉलेज खोलने को लेकर राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाता है
केन्द्र सरकार किसी भी आयुर्वेद कालेज को खोलने के लिए राज्य सरकार को 70 करोड़ की राशि की मदद करती है। स्वास्थ्य राज्य का विषय है औऱ केन्द्र सरकार सिर्फ राज्यों काे आर्थिक सहायता देने का काम करती है। कालेजों में रिक्त पदों की भरने की प्रक्रिया राज्यों के माध्यम से होती है।