Nagpur Violence: क्या बांग्लादेश से जुड़े हैं नागपुर हिंसा के तार? छिड़ी बहस, जानिए किसने क्या कहा
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने नागपुर हिंसा को बांग्लादेश से लिंक होने का दावा किया तो मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे जल्दबाजी बताया। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

मुंबई: शिवसेना नेता संजय निरुपम ने हाल ही में नागपुर हिंसा को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा के लिंक बांग्लादेश से जुड़े हो सकते हैं और यह सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, संजय निरुपम ने रविवार को एक प्रेसवार्ता में कहा कि नागपुर हिंसा में शामिल असामाजिक तत्वों का बांग्लादेश से संपर्क हो सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस हिंसा के मामले में कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं और पुलिस जांच में जुटी है।
निरुपम ने यह भी दावा किया कि हिंसा के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी सोशल मीडिया पर मुजाहिदीन गतिविधियों के लिए फंड जुटा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना एक व्यापक साजिश का हिस्सा हो सकती है। इसके साथ ही निरुपम ने शिवसेना यूबीटी पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाए कि क्या शिवसेना यूबीटी मुजाहिदीन संगठन से जुड़ी हुई है। उनका आरोप था कि शिवसेना यूबीटी अब हिंदू विरोधी हो गई है और इसकी राजनीतिक रणनीतियां महाराष्ट्र में बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं।
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निरुपम ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि शायद जल्द ही मातोश्री में बाल ठाकरे और शिवाजी महाराज की तस्वीरों के साथ औरंगजेब की तस्वीर भी दिखाई देगी, जो शिवसेना यूबीटी की नीति के बदलाव को लेकर उनके विचार का परिचायक था। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना यूबीटी की राजनीतिक दिशा ने उन्हें हैरान कर दिया है और पार्टी अब हिंदू विरोधी हो गई है।
92 लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई
इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर हिंसा पर अपने बयान में कहा कि इस हिंसा का बांग्लादेश से कोई लिंक जोड़ना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी जांच जारी है। फडणवीस ने बताया कि हिंसा के मामले में 104 आरोपियों की पहचान की गई है, जिनमें से 92 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसमें 12 नाबालिग शामिल हैं, जिनका भविष्य में कोर्ट में ट्रायल होगा।
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यह हिंसा 17 मार्च को नागपुर में हुई थी, जब विश्व हिंदू परिषद ने मुग़ल शासक औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान अफवाह फैल गई कि एक धार्मिक चादर को जलाया गया है, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने पथराव और आगजनी की, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।