Maha Kumbh Stampede: महाकुंभ भगदड़ के बाद यूपी सरकार के खिलाफ जुटे कांग्रेसी, अब कर डाली ये मांग

डीएन संवाददाता

मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर मौत के सही आंकड़े छिपाने का आरोप लगा रहा है। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट में देखिए क्या है विपक्ष की मांग

ज्ञापन देते कांग्रेस जिलाध्यक्ष
ज्ञापन देते कांग्रेस जिलाध्यक्ष


रायबरेली: मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के दौरान हुई 30 से अधिक मौतें व घायलों का आंकड़ा छुपाने के लिए विपक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। जिसकी गूंज संसद के गलियारों में भी देखने को मिली है। वहीं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी ने जिला अधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए धरना प्रदर्शन भी किया।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, मामला रायबरेली जिले की कलेक्ट्रेट परिसर से जुड़ा हुआ है। जहां पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी द्वारा जमकर प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की गई है।

'वीआईपी के लिए है सुविधा'

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प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव अतुल सिंह ने बताया कि जब उत्तर प्रदेश सरकार को यह पहले से ज्ञात था कि महाकुंभ में 50 करोड़ से भी अधिक श्रद्धालु स्नान करेंगे तो सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं क्यों नहीं कराई गई, इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि जो भी वहां पर समुचित व्यवस्थाएं कराई गई है वह सिर्फ वीआईपी और वीवीआईपी श्रद्धालुओं के लिए कराई गई है।

आंकड़े छुपाने का सरकार पर आरोप

साथ ही उन्होंने कहा कि आम श्रद्धालुओं को जिस तरीके से गंगा स्नान करते समय समस्याओं का सामना करने पड़ रहा था उसी का नतीजा है कि मौनी अमावस्या के दिन 30 से अधिक लोगों की भगदड़ के दौरान मौत हुई तो वहीं 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। जिसका आंकड़ा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छुपाया जा रहा है।

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कार्यवाही करने की मांग की गई

इन सभी बिंदुओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए जिला अधिकारी रायबरेली के माध्यम से उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही करने की मांग की गई है।










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