UP STF ने दबोचा 1 लाख का इनामी बदमाश, बिहार पुलिस दिया था चकमा
उत्तर प्रदेश एसटीएफ और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 1 लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी धर्मवीर यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश एसटीएफ और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 1 लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी धर्मवीर यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी गौतमबुद्ध नगर के थाना बीटा-2 क्षेत्र स्थित एनआरआई कट के पास हुई, जहां अपराधी अपने अगले कदम की योजना बना रहा था।
धर्मवीर यादव, बिहार के खगड़िया जिले का निवासी है और उस पर हत्या, अपहरण, और पुलिस अभिरक्षा से फरार होने जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2014 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ईंट भट्टे पर काम करने वाले मुंशी आलोक का अपहरण किया था।
इसके बाद 2016 में जमीन विवाद के चलते उसने अपने गांव के पास रहने वाले राजेश यादव की निर्मम हत्या कर दी। इस मामले में उसके पिता और भाई को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन धर्मवीर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
ऐसे भागा था बिहार पुलिस कस्टडी से
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2017 में खगड़िया की जेल में बंद धर्मवीर ने अपने सीने में दर्द की शिकायत कर अस्पताल जाने की योजना बनाई। जब पुलिस उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रही थी, तो उसने मौका पाकर पुलिस अभिरक्षा से फरार होकर अपना नाम और पहचान बदल ली। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वह ‘अनमोल राय’ और ‘अमित’ के नाम से छिपकर रहने लगा।
यूपी एसटीएफ को थी तलाश
उत्तर प्रदेश एसटीएफ को लंबे समय से धर्मवीर यादव की तलाश थी। बिहार पुलिस ने भी उसकी जानकारी साझा करते हुए सहयोग मांगा था। नोएडा की एसटीएफ टीम, राज कुमार मिश्रा (अपर पुलिस अधीक्षक) के पर्यवेक्षण में और नवेन्दु कुमार (पुलिस उपाधीक्षक) के नेतृत्व में, अपराधी के ठिकाने का पता लगाने में जुटी थी। एसटीएफ टीम ने क्षेत्र में मुखबिरों को सक्रिय किया और खुफिया जानकारी जुटाई।
यूपी और बिहार एसटीएफ ने किया सयुक्त ऑपरेशन
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डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार 24 दिसंबर 2024 को मुखबिर से सूचना मिली कि धर्मवीर यादव एनआरआई कट के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने बिहार पुलिस के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और धर्मवीर यादव को दोपहर 12:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपने अपराधों को स्वीकार करते हुए बताया कि वह अपनी गिरफ्तारी के डर से वर्षों से अपनी असली पहचान छिपाकर दिल्ली-एनसीआर में रह रहा था।
धर्मवीर यादव पर खगड़िया, बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, अपहरण, पुलिस अभिरक्षा से फरार होने और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर बिहार पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तार किए जाने के बाद उसे थाना बीटा-2 गौतमबुद्ध नगर में दाखिल किया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बिहार एसटीएफ को सुपुर्द कर दिया गया।