वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में मुस्लिम समुदायों का अनोखा प्रदर्शन, जानें पूरी खबर

डीएन संवाददाता

हाथों में काली पट्टी बांध कर मुस्लिमों ने वक़्फ संशोधन कानून का विरोध किया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

काली पट्टी बांधकर लोगों ने अदा की अलविदा की नमाज
काली पट्टी बांधकर लोगों ने अदा की अलविदा की नमाज


बाराबंकी: फतेहपुर कस्बे में आज रमजान का आखिरी शुक्रवार अलविदा के नाम से मनाया गया। इस मौके पर जामा मस्जिद और कस्बे की अन्य मस्जिदों में नमाज अदा की गई। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय ने वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में हाथों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, जामा मस्जिद और ईदगाह के इमाम मौलाना हबीब कासमी ने कहा, "यह एक काला कानून है जिसे मुसलमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह कानून मुसलमानों पर सरकार द्वारा लाया जा रहा है, जबकि वक्फ की जमीन अल्लाह के नाम पर दी जाती है, जिसमें मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तान शामिल हैं। सरकार इसके खिलाफ कानून लाने की कोशिश कर रही है, जिसे हम स्वीकार नहीं करेंगे।

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इसके लिए हमें चाहे कितना भी बड़ा आंदोलन क्यों न करना पड़े, हम संवैधानिक तरीके से विरोध करेंगे।" इस मौके पर मुफ्ती नजीब कासमी, महासचिव ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल बाराबंकी, मौलाना मोहम्मद हनीफ, मौलाना साबिर कासमी, शाकिर बहलीमी, मुफ्ती मोहम्मद उमर, मौलाना मुजीब कासमी, रेहान खान समेत कई अन्य लोगों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा।  

 

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