Amazon और Flipkart पर छापेमारी: जब्त किया लाखों रुपये का माल, वजह जानकर उड़ जाएंगे होश

डीएन ब्यूरो

एनसीआर में एक बड़ा एक्शन हुआ है। अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ BIS ने रेड मारी है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की खास रिपोर्ट

अमेजन और फ्लिपकार्ट (फाइल फोटो)
अमेजन और फ्लिपकार्ट (फाइल फोटो)


नई दिल्ली: आज के समय में लोग समय की बचत करने के लिए ऑनलाइन शपिंग की तरफ ज्यादा रूख करते हैं। इसके साथ ही कुछ लोग डिस्काउंट के लालच मे भी ऑनलाइन शपिंग करते है पर क्या आपको पता होता है कि कंपनी को आप जो पैसे देते है वह आपको बदले में उन पैसों से सही सामान या नकली सामान भेजता हैं? दरअसल अभी हाल ही में BIS ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन और फ्लिपकार्ट पर कार्रवाई की है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार भारत की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट को एक बार फिर से भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की ओर से एक बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। BIS ने इन कंपनियों के गोदामों पर छापेमारी की और बड़ी संख्या में ऐसे उत्पाद जब्त किए। जिनका उचित गुणवत्ता प्रमाणपत्र नहीं था। यह कार्रवाई BIS के उपभोक्ता सुरक्षा और उत्पाद गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है।

अमेजन के गोदाम पर कार्रवाई

19 मार्च को मोहन सहकारी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अमेजन सेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में 15 घंटे तक चलने वाली छापेमारी में BIS अधिकारियों ने 3,500 से अधिक इलेक्ट्रिकल उत्पादों को जब्त किया। इन उत्पादों में गीजर, फूड मिक्सर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल थे। इन उत्पादों की कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है। यह छापेमारी यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि बाजार में बिक रहे उत्पाद भारतीय मानक और गुणवत्ता के अनुरूप हों।

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फ्लिपकार्ट के गोदाम पर भी कार्रवाई

इसके बाद फ्लिपकार्ट की एक सब्सिडरी कंपनी इंस्टाकार्ट सर्विसेज के गोदाम में भी छापेमारी की गई। यहां से 590 जोड़ी स्पोर्ट्स फुटवियर जब्त किए गए। जिन पर आवश्यक विनिर्माण चिह्न नहीं थे। इन फुटवियर की कीमत लगभग 6 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई उस मानक के उल्लंघन को दर्शाती है, जिसमें उत्पादों पर आवश्यक प्रमाण और चिह्न होने चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

BIS का राष्ट्रव्यापी अभियान

यह छापेमारी BIS द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो पूरे देश में उपभोक्ता सुरक्षा और उत्पाद गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। पिछले महीने ही दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, लखनऊ और श्रीपेरंबदूर जैसे कई प्रमुख स्थानों पर भी इसी तरह की छापेमारी की गई थी। इन छापेमारीयों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मुहैया कराना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बेचे जाने वाले उत्पाद भारतीय मानक के अनुसार प्रमाणित हों।

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कानूनी दंड और BIS अधिनियम

भारत में 769 उत्पाद श्रेणियों को भारतीय विनियामकों से अनिवार्य प्रमाणन प्राप्त करना आवश्यक है। यदि कोई वस्तु उचित प्रमाणपत्र के बिना बेची जाती है तो उसे कानूनी दंड का सामना करना पड़ सकता है, जो 2016 के बीआईएस अधिनियम के तहत हो सकता है। इस अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस के मानकहीन उत्पादों का निर्माण और बिक्री करने पर जुर्माना और कारावास की सजा भी हो सकती है।

अमेजन और फ्लिपकार्ट की प्रतिक्रिया

हालांकि, इस छापेमारी के बारे में अभी तक अमेजन और फ्लिपकार्ट की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है लेकिन यह कार्रवाई उन कंपनियों के लिए एक चेतावनी हो सकती है। जो बिना उचित प्रमाणपत्र के उत्पाद बेच रही हैं। इससे पहले भी BIS ने लखनऊ में अमेजन और फ्लिपकार्ट के गोदामों पर छापे मारकर नकली सामान जब्त किया था, जो उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका था।










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