Sonbhadra Road: नन्हें-मुन्ने बच्चों ने पोस्टर लेकर किया विरोध प्रदर्शन, देखिए बच्चों को क्या सता रही है परेशानी
सोनभद्र में छोटे बच्चे पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन करते नज़र आए। डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट में जानिए कि बच्चों को प्रदर्शन करने की क्या जरूरत पड़ी

सोनभद्र: हमारा बचपन मत छिनों, हमें खेलने दो, आस्था के नाम पर खिलवाड़ मत करो, ऐसी बाते कहना है छोटे-छोटे मासूम बच्चों का... हाथों में पोस्टर लिए बच्च विरोध प्रदर्शन करते नजर आए तो उस तरफ से जाने वाले हर कदम थम से गए। रेलवे अधिकारी के बिना स्थानीय निरिक्षण किये गए फैसले खुद रेलवे कर्मचारी के गले की फांस बन गईं है। जिसका विरोध रेलवे कर्मचारी और उनके छोटे ननेह मुन्ने बच्चे कर रहे है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सोनभद्र में पूर्व मध्य रेलवे चोपन के प्लेटफॉर्म एवं पार्किंग सुंदरीकरण का विकास अमृत भारत योजना के अंतर्गत हो रहा है और उसी के तहत गार्ड कलोनी के उतरी छोड़ से लगभग 7 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण रेलवे आवासीय परिसर के बीचों बीच किया जा रहा है, जिसका विरोध कॉलोनी कर्मचारी एवं उनके बच्चे कर रहे हैं। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के शाखा सचिव उमेश कुमार सिंह ने कहा कि आवासीय परिसर के बीचों बीच एग्जिट रोड निकालने का काम किया जा रहा है जो कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। इसमें हमारे कॉलोनी के बच्चे खेलते हैं इसी ग्राउंड में कल्चरल प्रोग्राम होता है।
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बच्चों को सता रही है चिंता
आवासीय परिसर में स्थित स्टेज चोपन में एकमात्र ऐसा स्टेज है जहां पर कल्चरल प्रोग्राम होता हैं। इसी ग्राउंड में दुर्गा पूजा मंडप है। जिसमें पिछले 60-65 सालों से भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन होता आया है। उन्होंने कहा कि ग्राउंड में सड़क निर्माण की वजह से कॉलोनी के बच्चे खेल नहीं पाएंगे और आये दिन दुर्घटनाएं होगी। उमेश सिंह ने बताया सड़क निर्माण की वजह से सामाजिक तत्वों का कॉलोनी में प्रवेश करने का एक तरह का प्रमाण मिल जाएगा। उनसे हम पूछ नहीं सकेंगे कि आप कौन हो कॉलोनी में कैसे आए हो किस काम से आए हो। इतना ही नहीं आए दिन चोरियां हो रही है। आए दिन लोगों के साथ मारपीट हो रही है, मोबाइल छिनने की घटना वर्तमान में बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
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रोड की वजह से गाड़ियां खड़ी होने लगेगी। हमारे बच्चे घर से बाहर नहीं निकाल पाएंगे, जिससे उनका बौद्धिक विकास नहीं हो पाएगा। जबकि रेलवे के पास और भी कई विकल्प की व्यवस्था है। शुद्धिकरण हो इससे किसी को ऐतराज नहीं है लेकिन किसी भी बनी बनाई चीचों को नष्ट करके डेवलपमेंट किया जाए ये न्यायसंगत नहीं है। अधिकारियों को अन्य विकल्प की तरफ ध्यान देना चाहिए। हम अपने अधिकारियों से आग्रह करते हैं यहां आए मौका मुआयना करें और जो आपके पास विकल्प खुला हुआ है उसपर विचार करें। वैकल्पिक मार्ग कॉलोनी से इतर तलाशें, जिससे कॉलोनी के कर्मचारियों और बच्चों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
चिंताओं के बीच सड़क निर्माण को रोकने के लिए कॉलोनी कर्मचारी अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। अब देखना होगा कि विरोध प्रदर्शन के बाद रेलवे का क्या फैसला होगा।