UP Board 2025: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट मार्कशीट में नया सुरक्षा फीचर, जानिए क्या होगा बदलाव ?
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट में बड़ा बदलाव किया गया है। यह बदलाव सुरक्षा की वजह से लिया गया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज की यह रिपोर्ट

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों को मिलने वाली अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में बदलाव किया गया है। परीक्षाओं के लिए छात्रों को मिलने वाली अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में इस बार कई नए और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल किए गए हैं।
डाइनामाइट न्यूज संवादाता के अनुसार, इन नए फीचर्स का उद्देश्य न केवल मार्कशीट की प्रमाणिकता सुनिश्चित करना है, बल्कि इसे नकली बनाने की कोशिशों को भी नाकाम करना है। इस साल से यूपी बोर्ड ने मार्कशीट में कुछ खास बदलाव किए हैं, जिससे अब इनकी असली और नकली पहचान करना आसान हो जाएगा।
नए सुरक्षा फीचर्स से लैस अंकपत्र
इस बार दिए जाने वाले अंकपत्र सह प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी कराने पर मूल प्रति के नीचे पट्टी पर बनी डिज़ाइन गायब हो जाएगी और उसकी जगह 'कॉपी' शब्द अंकित हो जाएगा। इस नए फीचर के तहत, यदि कोई छात्र अपनी मार्कशीट की रंगीन या ब्लैक एंड व्हाइट फोटोकॉपी कराकर उसे असली मार्कशीट के रूप में पेश करने की कोशिश करता है तो यह गड़बड़ी आसानी से पकड़ी जा सकेगी।
मार्कशीट पर बनी डिजाइन और सुरक्षा पट्टी फोटोकॉपी में गायब हो जाएगी और उसकी जगह 'कॉपी' शब्द नजर आएगा। जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह कोई असली दस्तावेज नहीं है। इससे बोर्ड द्वारा जारी किए गए असली दस्तावेज और नकली दस्तावेज के बीच का फर्क साफ हो जाएगा।
नया आकार और सुधार
यूपी बोर्ड ने इस बार अंकपत्र सह प्रमाणपत्र के आकार में भी बदलाव किया है। पहले जहां यह ए-फोर आकार से छोटा होता था, अब इसे ए-फोर आकार में बनाया गया है। इस बदलाव से मार्कशीट पर लिखे गए अंक और अन्य जानकारी अब आसानी से पढ़े जा सकेंगे। इससे पहले छोटे आकार के कारण कभी-कभी अंक या अन्य जानकारी अस्पष्ट हो जाती थी, लेकिन अब छात्र या अभिभावक बिना किसी परेशानी के इसे आसानी से पढ़ सकते हैं।
सुरक्षा में और वृद्धि
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यूपी बोर्ड ने अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में कुछ और सुरक्षा फीचर्स भी जोड़े हैं। इसमें एक विशेष प्रकार का छिपा हुआ लोगो है, जो सामान्य हालात में दिखाई नहीं देता है। यह लोगो विशेष प्रकाश या धूप में दिखाई देता है, जिससे इसकी असली पहचान की पुष्टि होती है। इस फीचर के कारण, किसी भी फोटोकॉपी में इसे दिखाना संभव नहीं होगा, जिससे अंकपत्र की असली पहचान बनी रहेगी।
इसके अलावा, अब अंकपत्र सह प्रमाणपत्र पर लेमिनेशन की आवश्यकता भी नहीं होगी। पहले के मुकाबले इस बार मार्कशीट में विशेष प्रकार की सुरक्षा तकनीक शामिल की गई है, जिससे यह और अधिक टिकाऊ और सुरक्षित हो गई है। धूप में यह लोगो स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जिससे इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि हो सकेगी।
नकली दस्तावेजों पर नियंत्रण
यूपी बोर्ड द्वारा यह कदम उठाए जाने से जहां एक तरफ छात्रों और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी, वहीं यह कदम उन लोगों के खिलाफ एक सख्त कदम है जो अपनी मार्कशीट में छेड़छाड़ या उसे बदलने का प्रयास करते हैं। अब फोटोकॉपी से लेकर गड़बड़ी करने के प्रयासों को भी आसानी से पकड़ा जा सकेगा।