World Cup Final: विराट को आउट करके दर्शकों को खामोश करना सबसे संतोषजनक रहा: कमिंस
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस के लिए विश्व कप फाइनल में विराट कोहली को आउट करके नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद 90 हजार दर्शकों को खामोश करना सबसे संतोषजनक पल रहा। पढ़िए डाईनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

अहमदाबाद: ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस के लिए विश्व कप फाइनल में विराट कोहली को आउट करके नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद 90 हजार दर्शकों को खामोश करना सबसे संतोषजनक पल रहा।
ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को यहां भारत को 6 विकेट से हराकर अपना छठा वनडे विश्व कप जीता। कमिंस यह खिताब जीतने वाले ऑस्ट्रेलिया के पांचवें कप्तान बने। उन्होंने बाद में कहा कि उन्हें 50 ओवर के प्रारूप से फिर से प्यार हो गया है।
कोहली जब 54 रन पर खेल रहे थे तब कमिंस ने उन्हें अतिरिक्त उछाल लेती गेंद पर आउट किया।
कमिंस से जब पूछा गया कि क्या स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को खामोश करना उनके लिए सबसे संतोषजनक पल रहा, उन्होंने कहा,‘‘हां मुझे ऐसा लगता है। हमने दर्शकों की खामोशी को स्वीकार करने के लिए एक सेकंड का समय लिया। ऐसा लग रहा था कि यह भी उन दिनों में से एक दिन है जिसमें वह शतक लगाएगा, जैसा कि वह आमतौर पर करता है और इसलिए यह संतोषजनक था। ’’
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान का मानना है कि वनडे विश्व कप बने रहना चाहिए क्योंकि अपनी विरासत है और खिलाड़ियों के पास कहने के लिए अपनी कहानियां हैं।
कमिंस ने कहा,‘‘मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि मुझे इस विश्व कप में वनडे से फिर से प्यार हो गया है। ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि हमने जीत दर्ज की है। यह ऐसा टूर्नामेंट है जिसमें हर मैच वास्तव में मायने रखता है। यह द्विपक्षीय श्रृंखला से थोड़ा भिन्न है।’’
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उन्होंने कहा,‘‘मेरे कहने का मतलब है कि विश्व कप का अपना समृद्ध इतिहास है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह आगे लंबे समय तक चलेगा। पिछले दो महीनों के दौरान कई शानदार मैच खेले गए और कई नई कहानी इससे जुड़ी, इसलिए मुझे लगता है कि क्रिकेट में इसके लिए जगह है।’’
कमिंस की मां का इस साल मार्च में निधन हो गया था जिसके कारण उन्हें भारत दौरा बीच में छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने टीम में वापसी की और अपने देश को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब दिलाया और प्रतिष्ठित एशेज जीती। अब वह विश्व चैंपियन टीम के कप्तान है जिसे उन्होंने खेल का चरम बताया।
उन्होंने कहा,‘‘इस साल के अपने प्रदर्शन पर हमें वास्तव में गर्व है। यह वास्तव में हमारे लिए यादगार साल रहा है।’’
कमिंस ने अपने साथी खिलाड़ियों और उनके परिजनों के बलिदान को भी याद किया।
उन्होंने कहा,‘‘मुझे पता था कि घर में मेरा परिवार मैच देख रहा है। मुझे अपने पिताजी से संदेश मिला कि वह सुबह चार बजे तक जागते रहते हैं। वह बेहद उत्साहित थे। इसलिए आपको ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने के लिए कुछ बलिदान देने होते हैं।’’
कमिंस ने कहा,‘‘इस तरह से सबकी अपनी कहानी है लेकिन हमारी टीम में कई ऐसे लोग हैं जिन्हें अपने काम पर गर्व है।’’
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कमिंस ने होटल के अपने कमरे से देखा कि नीले रंग का काफिला स्टेडियम की तरफ बढ़ता जा रहा है, जिससे वह थोड़ा बेचैन हो गए थे।
उन्होंने कहा,‘‘मुझे हमेशा यह कहना पसंद है कि मैं सहज रहता हूं लेकिन आज सुबह में थोड़ा नर्वस हो गया था। मैंने होटल के अपने कमरे से देखा की नीले रंग का काफिला स्टेडियम की तरफ बढ़ रहा है। ’’
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा,‘‘इसके बाद टॉस के लिए जाते हुए मैंने देखा कि 130000 लोगों ने भारत की नीली जर्सी पहनी हुई है। यह ऐसा अनुभव है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह शानदार दिन था लेकिन अच्छी बात यह रही कि अधिकतर समय वे शोर नहीं मचा पाए।’’
कमिंस ने ट्रेविस हेड की भी जमकर प्रशंसा की जिन्होंने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद वनडे विश्व कप के फाइनल में शतक जमाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा,‘‘ ट्रेविस हेड ने शानदार प्रदर्शन किया। कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड और चयनकर्ता जॉर्ज बेली को भी श्रेय जाता है जिन्होंने उसे टीम में बनाए रखा। वह चोटिल हो गया था और आधे टूर्नामेंट में नहीं खेल पाया और ऐसे में उसे टीम में बनाए रखना बहुत बड़ा जोखिम था। हमारी चिकित्सा टीम का कार्य भी शानदार रहा जिन्होंने उसे उस स्थिति में पहुंचाया जहां वह अच्छा प्रदर्शन कर सके।’’