बलरामपुर जिले में बड़ी कार्रवाई, कई डॉक्टरों पर गिरी गाज; जानें पूरा मामला
बलरामपुर जिले के 10 डॉक्टर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के टारगेट पर है। जिनमें संयुक्त हॉस्पिटल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र तक के डॉक्टर शामिल है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

बलरामपुर : उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में 17 डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इनमें से 10 डॉक्टर जिले के हैं, जो एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) लेने के बावजूद निजी प्रैक्टिस कर रहे थे। इस मामले में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, एनपीए एक तरह का भत्ता होता है, जो सरकारी डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस करने से रोकने के लिए सरकार की ओर से दिया जाता है। यूपी सरकार ने सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने पर रोक लगा रखी है और इसके बदले में उन्हें उनके मूल वेतन का 20 फीसदी एनपीए के तौर पर दिया जाता है।
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इन डॉक्टरों के नाम शामिल
अब जिले के 10 सरकारी डॉक्टरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, जिसमें जिला मेमोरियल अस्पताल, संयुक्त अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर शामिल हैं। इन डॉक्टरों के नाम डॉ. हीरा लाल, डॉ. रमेश कुमार पांडेय, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. पंकज वर्मा, डॉ. उमेश कुशवाहा, डॉ. नितिन चौधरी, डॉ. पीके मिश्रा, डॉ. महेश कुमार वर्मा, डॉ. नगमा खान और डॉ. जय सिंह गौतम शामिल हैं।
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