उत्तराखंड में नेताओं को बड़ी राहत! CM धामी ने जारी की दायित्वों की सूची; यहां जानिए किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

डीएन ब्यूरो

पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई पदों पर नेताओं का दायित्व सौंप दिया है। ऐसे में किसे कौन सी जिम्मेदारी मिली है। जानने के लिए पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

उत्तराखंड में दायित्वों का बंटवारा,
उत्तराखंड में दायित्वों का बंटवारा,


देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से दायित्वों के बंटवारे का इंतजार कर रहे नेताओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने विभिन्न परिषदों, आयोगों और समितियों में नए दायित्व सौंपे हैं। सरकार के इस कदम को राजनीतिक संतुलन बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने इस संबंध में आधिकारिक सूची जारी करते हुए जानकारी दी है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, धामी सरकार की ओर से घोषित इन दायित्वों में राज्य के विभिन्न जिलों के नेताओं को जगह दी गई है, साथ ही क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी प्राथमिकता दी गई है। इस नियुक्ति प्रक्रिया के जरिए भाजपा संगठन के भीतर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है, जिससे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक कार्यों में भागीदारी करने का मौका मिलेगा।

मुख्य दायित्वधारियों की सूची

चमोली में हरक सिंह नेगी को उपाध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद का दायित्व सौंपा है। रामचंद्र गौड़ को अध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद का दायित्व सौंपा है। वही रुद्रप्रयाग में ऐश्वर्या रावत को उपाध्यक्ष, राज्य महिला आयोग का दायित्व सौंपा है । अल्मोड़ा में गंगा बिष्ट को उपाध्यक्ष, राज्य महिला उद्यमिता परिषद और पूरन चंद नैलवाल को  उपाध्यक्ष, प्रवासी उत्तराखंड परिषद का दायित्व सौंपा है। देहरादून  में  श्याम अग्रवाल को उपाध्यक्ष, उत्तराखंड आवास सलाहकार परिषद,  भगवत प्रसाद मकवाना को उपाध्यक्ष, उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग और रजनी रावत को उपाध्यक्ष, समाज कल्याण योजना निगरानी समिति का दायित्व सौंपा है।

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नैनीताल में  शांति मेहरा को  उपाध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद और रेनू अधिकारी को अध्यक्ष, राज्य महिला उद्यमिता परिषद  का दायित्व सौंपा है। पिथौरागढ़ में उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद का दायित्व  हेमराज बिष्ट के पास है। 

उत्तरकाशी में राम सुंदर नौटियाल को उपाध्यक्ष, भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण का  दायित्व है।  उधम सिंह नगर में सायरा बानो के पास  उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग का दायित्व है।  हरिद्वार में  ओम प्रकाश जमदग्नि  के पास उपाध्यक्ष, उत्तराखंड इको-टूरिज्म सलाहकार परिषद का दायित्व है। 

सरकार की रणनीति और संभावित प्रभाव

धामी सरकार के दायित्वों के इस बंटवारे को राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। इससे उन नेताओं को संगठन में जगह मिली है, जो लंबे समय से जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहे थे। सरकार ने इस संभाग में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। इसमें महिला सशक्तीकरण, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, खेल विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्रवासी उत्तराखंडियों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है।

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जानकारों का मानना है कि इस नियुक्ति से भाजपा को आगामी चुनाव में फायदा मिल सकता है, क्योंकि अलग-अलग वर्गों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने अपना आधार मजबूत करने की कोशिश की है। साथ ही, जिन नेताओं को जिम्मेदारी मिली है, उनसे अपने क्षेत्र और विभागों में सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद है, जिससे राज्य में प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। पार्टी के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने और राज्य के विकास को दिशा देने में धामी सरकार का यह कदम कितना कारगर होगा, यह आने वाले समय में साफ हो जाएगा।

 










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