Crime in UP: छात्राओं के शोषण में फंसे हाथरस के प्रोफेसर को लेकर बड़ा खुलासा, सामने आया ये काला चिट्ठा

डीएन ब्यूरो

छात्राओं के शोषण में फंसे हाथरस के प्रोफेसर रजनीश के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो


हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस में प्रोफेसर रजनीश को पुलिस ने 19 मार्च को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। हालांकि इस मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बताया जाता है कि छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ 2023 से ही वीडियो, फोटो और गुमनाम लिफाफों में शिकायती पत्र पुलिस को भेजे थे, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करने की बजाय पुलिस शिकायतकर्ताओं को ही खोजने में लगी रही।

शिकायतों को कूड़ेदान में फेंक दिया गया

डाइनामाइट न्यूज के संवाददाता के मुताबिक पिछले दो दिनों में पुलिस को मिले गुमनाम पत्रों में छात्राओं ने प्रोफेसर के शोषण की बात कही थी। लेकिन अक्सर इन गुमनाम शिकायतों को साजिश मानकर कूड़ेदान में फेंक दिया जाता था या फिर कॉलेज स्टाफ के बीच आपसी खींचतान के तौर पर देखा जाता था, जिससे प्रोफेसर की हिम्मत और बढ़ जाती थी और वह छात्राओं का शोषण करता रहता था।

चीफ प्रॉक्टर बनने के बाद बढ़ा उत्पीड़न

जुलाई 2024 में प्रोफेसर को चीफ प्रॉक्टर बनाया गया, जिसके बाद से वह छात्राओं को और अधिक परेशान करने लगा। शिकायत करने पर पुलिस कॉलेज आती थी, लेकिन कुछ देर बैठने के बाद चली जाती थी और छात्राओं से बात करने की कोई कोशिश नहीं की जाती थी।

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18 महीने पहले हो सकता था गिरफ्तार

अगर पुलिस प्रशासन ने छात्राओं की शिकायतों पर ध्यान दिया होता और उनके बयान दर्ज किए होते तो प्रोफेसर को 18 महीने पहले ही गिरफ्तार किया जा सकता था। लेकिन पुलिस शिकायतों पर ध्यान देने के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही खोजने में लगी रही।

प्रोफेसर ने सील तोड़ दी

जब कॉलेज प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की तो छात्राओं ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को शिकायत भेजी। तीन महीने पहले कमेटी बनाकर जांच के लिए कॉलेज भेजा गया, जिसके बाद आरोपी के ऑफिस को सील कर दिया गया। लेकिन दो दिन बाद ही प्रोफेसर ने सील तोड़ दी और फिर से ऑफिस में बैठने लगा। इस पर किसी भी अधिकारी या कॉलेज प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

शिकायत करने पर परिवार को नुकसान पहुंचने का डर

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प्रोफेसर के खिलाफ छात्रों में काफी डर था। उन्हें डर था कि अगर उन्होंने शिकायत की तो प्रोफेसर उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है। एक पूर्व छात्र ने बताया कि प्रोफेसर हंसी-मजाक से शुरुआत करता था और मजाक-मजाक में गले भी लगाता था। जब छात्र विरोध नहीं करते थे तो वह उन्हें अपने जाल में फंसा लेता था।

महंगे तोहफे और शोषण

प्रोफेसर छात्रों को महंगे तोहफे देकर फंसाने की कोशिश करता था। विरोध न करने वाले छात्रों को वह फंसाता और वीडियो बनाकर उनका उत्पीड़न करता। एक छात्र ने इसका विरोध भी किया और प्रोफेसर के पास जाना बंद कर दिया।










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