गोरखपुर: 2010 में हुई हत्या के मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास

डीएन ब्यूरो

हत्या के मामले में पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

न्यायालय गोरखपुर
न्यायालय गोरखपुर


गोरखपुर: वर्ष 2010 में गुलरिहा थाना क्षेत्र में हुई हत्या के एक मामले में गोरखपुर की एक अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

ऑपरेशन दोषसिद्धि के तहत बड़ी सफलता

यह फैसला पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन दोषसिद्धि" अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर के मार्गदर्शन में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आया है।

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अपराध और सजा

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार यह मामला गुलरिहा थाने की एफआईआर संख्या 875/2010 के तहत धारा 302, 149 आईपीसी से संबंधित है। आरोपियों की  पहचान हो चुकी  है। सभी आरोपी गोरखपुर के रहने वाले हैं।  पारुल  श्रीवास्तव उर्फ मृदुल, मनोज सिंह उर्फ बिहारी, कन्हैया लाल गौड़  इन  सभी आरोपियों के खिलाफ  10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि, कोर्ट ने सभी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई 10-10 हजार रुपये का जुर्माना।

मजबूत पैरवी से मिली सजा

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इस मामले में प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा  जितेंद्र कुमार सिंह, थाने की पैरवी और मॉनिटरिंग सेल ने प्रभावी पैरवी की। वहीं, विशेष अभियोजन अधिकारी (एडीजीसी) हरिनारायण यादव और अभय नंदन त्रिपाठी  ने अहम भूमिका निभाई।

न्याय की जीत

इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संदेश गया है कि  अपराधी कोई भी हो, वह कानून से बच नहीं सकता










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