गोरखपुर में 15 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के दो दोषियों को कोर्ट ने सुनाई ये सजा

डीएन ब्यूरो

गोरखपुर में 15 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में दो दोषियों को अदालत ने सजा का ऐलान कर दिया। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज की पूरी खबर

कोर्ट ने सुनाया फैसाल (काल्पनिक  दृश्य)
कोर्ट ने सुनाया फैसाल (काल्पनिक दृश्य)


गोरखपुर: गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र में 15 साल पहले हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने शुक्रवार को दो दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-2 की अदालत ने नारद निषाद और पंचम निषाद को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

क्या था मामला?

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डाइनामाइट न्यूज संवादाता  के मुतावित घटना 2008 की है। खोराबार थाना क्षेत्र में नारद निषाद और पंचम निषाद ने एक व्यक्ति की गैर इरादतन हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 304(ii), 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया था।

अदालत का फैसला

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के आधार पर नारद निषाद और पंचम निषाद को दोषी पाया। अदालत ने दोनों को 7-7 साल की सजा सुनाई और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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पुलिस की प्रभावी पैरवी
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान के तहत, गोरखपुर पुलिस ने इस मामले प्रभावी पैरवी की। 

ऑपरेशन कनविक्शन
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य पुराने मामलों में दोषियों को सजा दिलाना है। इस अभियान के तहत, पुलिस पुराने मामलों की प्रभावी पैरवी कर रही है।










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