Himachal Pradesh: पंद्रह साल पुराने सरकारी वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जायेगा
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को कहा कि 15 साल पुराने सरकारी वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जायेगा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट डाइनामाइट न्यूज़ पर

शिमला: हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को कहा कि 15 साल पुराने सरकारी वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जायेगा।
अग्निहोत्री के पास परिवहन विभाग भी है। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि राज्य में छह ‘स्क्रैपिंग’ केंद्र स्थापित किए जाएंगे और स्क्रैपिंग नीति के तहत इन केंद्रों की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जायेगा।
यह भी पढ़ें |
टहलने के दौरान उपमुख्यमंत्री के सिर में लगी चोट, जानें क्या हुआ आगे
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार उपमुख्यमंत्री ने इसे परिवहन विभाग में ‘‘सुधारों का वर्ष’’ बताते हुए कहा कि निजी वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र स्वचालित परीक्षण स्टेशनों के माध्यम से जारी किए जायेंगे।
उन्होंने बताया कि कुल दुर्घटनाओं में से 50 प्रतिशत दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर होती हैं और ज्यादातर सड़क दुर्घटनाओं का कारण मानवीय भूल होती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित हिस्सों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान के लिए लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की मदद से सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह भी पढ़ें |
Himachal CM Oath: सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल के नए CM और मुकेश अग्निहोत्री ने डिप्टी सीएम पद की ली शपथ, जानिये ये अपडेट
अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य में 22,43,524 वाहन हैं, जिनमें 19,25,593 निजी और 3,17,931 वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 2,811 इलेक्ट्रिक वाहन हैं, जिनमें से ज्यादातर दोपहिया वाहन हैं और इनमें से 2,412 निजी वाहन तथा 399 वाणिज्यिक वाहन हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को दी जाने वाली 500 ई-टैक्सी के लिए 1,221 आवेदन प्राप्त हुए हैं और चंडीगढ़ से केलांग रोड पर सात इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत तक ऐसे 17 और स्टेशन चालू हो जाएंगे।