जानिये ऐसे मंदिर के बारे में, जहां जलाभिषेक से मिलता है पूरा पुण्य

डीएन ब्यूरो

इस मंदिर में विष्णुदेव, सूर्यदेव, माता पार्वती,और गणेश जी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

1100 शिवलिंगों पर जलाभिषेक
1100 शिवलिंगों पर जलाभिषेक


झांसी: बुंदेलखंड के झांसी में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। यहां के प्राचीन ऐतिहासिक पानी के धर्मशाला स्थित हजारिया महादेव मंदिर का महात्म्य अद्भुत है। यहां मंदिर में अद्भुत शिवलिंग स्थापित है जो छोटे छोटे 1100 शिवलिंगों से मिलकर बना है जो 10 चक्रों में समाहित हैं।

मंदिर के पुजारी पंडित प्रमिल शर्मा ने मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि मंदिर का निर्माण लगभग 600 साल पहले गोसाइयों के शासनकाल में किया गया था। मंदिर में उनके पूर्वज ही पूजा अर्चना का काम करते थे और उनका पूरा परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी भगवान भोलेनाथ की सेवा में लगा है। पंडित शर्मा ने बताया कि झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई जो महादेव की परम भक्त थीं वह इस मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आतीं थी ।

उन्होंने बताया कि इस मंदिर का एक और खासियत है जो इसे दुलर्भ बनाती है जिसके कारण इसे पंचमहेश्वर भी कहा जाता है। मंदिर में विष्णुदेव, सूर्यदेव, माता पार्वती,और गणेश जी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। ऐसे होना इसे दुर्लभ मंदिरों की श्रेणी में लाता है।

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उन्होंने बताया कि पानी वाली धर्म शाला के हजारिया महादेव के समान ही पिंडी झांसी के दीक्षित बाग स्थित शिव मंदिर और तालबेहट के पास स्थित मंदिर में भी हैं लेकिन इन तीनों में से सर्वाधिक प्राचीन पानी वाली धर्मशाला के हजारिया महादेव ही हैं।

उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से ही बुंदेलखंड में जलसंरक्षण का काम लगातार किया गया है यह मंदिर पानी वाली धर्मशाला के नाम से प्रसिद्ध है क्योंकि यहां मंदिर से लगी ही बड़ी बावड़ी भी बनायी गयी थी जो प्राचीन काल में दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के पास ही जल की सुविधा मुहैया कराती थी साथ ही आज भी यह बावड़ी इस पूरे क्षेत्र में जलस्तर को बनाये रखने में तो बड़ी भूमिका निभाती ही है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में न केवल महानगर बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आगमन होता है। हर बार की तरह इस बार भी महाशिवरात्रि पर सुबह चार बजे भगवान भोले नाथ का रूद्राभिषेक किया जायेगा और इसके बाद आरती होगी।

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इस अवसर पर मंदिर परिसर में पूरा दिन खीर वितरण का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए किया जाता है। शाम की आरती आठ बजे होगी । मंदिर में आने वाली श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के मद्देनजर मंदिर परिसर में पुलिस प्रशासन द्वारा तमाम तरह की व्यवस्थाएं की जाती हैं और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये जाते हैं।










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