उत्तराखंड: लक्सर में टायर फैक्ट्री कर्मियों का धरना जारी, 7 अप्रैल को महापंचायत की घोषणा
लक्सर में एक टायर फैक्ट्री के कर्मचारियों द्वारा वेतन वृद्धि और टर्मिनेट किए गए कर्मियों की बहाली की मांग को लेकर धरना जारी है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

लक्सर: तहसील में स्थित एक बड़ी टायर फैक्ट्री के कर्मचारियों द्वारा वेतन वृद्धि और टर्मिनेट किए गए कर्मियों की बहाली की मांग को लेकर चल रहे धरने को प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए हटवा दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने तहसील मुख्यालय में धरना शुरू कर दिया।
जानकारियों के अनुसार कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए किसान यूनियन पटेल गुट के अध्यक्ष कीरत सिंह और पथिक जन शक्ति पार्टी के अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह भी धरना स्थल पर पहुंचे।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 7 अप्रैल को महापंचायत आयोजित करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर फैक्ट्री संचालन अपने हाथ में ले लेंगे।
17 मार्च से जारी है आंदोलन कर्मचारी 17 मार्च से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पहले वे फैक्ट्री गेट के निकट धरने पर बैठे थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के चलते उन्हें वहां से हटाया गया। इसके बाद वे सड़क की दूसरी तरफ धरने पर बैठ गए।
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इस बीच, एसडीएम सौरभ असवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को फैक्ट्री गेट से 200 मीटर दूर धरना देने के निर्देश दिए।
तहसील परिसर में धरना धरने के लिए कोई उपयुक्त स्थान न मिलने के कारण कर्मचारियों ने तहसील परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि हर तीन साल में वेतन वृद्धि होनी चाहिए, जो अब तक नहीं हुई। वार्ता के दौरान मामला बिगड़ने पर 27 और 28 मार्च को कुल 40 कर्मचारियों का निलंबन कर दिया गया, जिसके बाद तीन और कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। इससे मामला और तूल पकड़ गया और धरना तेज हो गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर एसडीएम सौरभ असवाल का कहना है कि दोनों पक्षों से वार्ता जारी है और जल्द ही समाधान निकलने की उम्मीद है।
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7 अप्रैल को महापंचायत की घोषणा कर्मचारियों और उनके समर्थन में खड़ी यूनियनों ने प्रशासन पर फैक्ट्री प्रबंधन के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो 7 अप्रैल को महापंचायत का आयोजन किया जाएगा और स्थिति के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
फैक्ट्री प्रबंधन से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।