Army Chief VK Singh: पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह को क्यों मिली मिजोरम के राज्यपाल की कमान

डीएन ब्यूरो

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार देर रात पांच राज्यों के राज्यपालों की नियुक्तियां की जिनमें पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह का नाम भी शामिल है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह
पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह


नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह को मिजोरम के नए राज्यपाल की कमान सौंपी है। इसे राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद जनरल वीके सिंह को मिजोरम का राज्यपाल बनाया गया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को पिछले आम चुनाव तक गाजियाबाद से सांसद थे। उन्होंने मोदी के दूसरे मंत्रालय में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पूर्व राज्य मंत्री हैं। उन्होंने पहले मोदी 1।0 में विदेश राज्य मंत्री, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया।

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आखिर वीके सिंह को क्यों भेजा गया मिजोरम
ओडिशा के राज्यपाल रघुवरदास का इस्तीफा स्वीकार कर मोदी सरकार ने उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी के संकेत दिए हैं। ओडिशा में रघुवरदास की जगह मिजोरम के राज्यपाल हरी बाबू खंभनपति को राज्यपाल बनाकर भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार मिजोरम जैसे सीमावर्ती राज्य और वहां के नए मुख्यमंत्री जोराथंबा के अमेरिका में राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बयान को देखते हुए जनरल वीके सिंह को राज्यपाल का जिम्मा सौंपने को अहम माना जा रहा है। 

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जनरल (रिटायर्ड) विजय कुमार सिंह ऐसे पहले आर्मी चीफ हुए, जिन्होंने कमांडो की ट्रेनिंग ले रखी है। जनरल सिंह आजाद हिंदुस्तान के 26वें आर्मी चीफ रहे हैं। जनरल के पिता आर्मी में ही कर्नल और दादा जूनियर कमीशंड ऑफिसर थे। 16 दिसंबर 1971 के भारत-पाकिस्तान वॉर में वीके सिंह भी शामिल हुए थे।
 










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