हरिद्वार कोर्ट परिसर में मस्जिद हटाने की मांग तेज, संतों और नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

डीएन ब्यूरो

उत्तराखंड में अवैध मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में हरिद्वार जिला न्यायालय परिसर में बड़ी मांग की गई। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

संतों ने मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की अपील
संतों ने मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की अपील


उत्तराखंड: उत्तराखंड में अवैध मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में एक बार फिर हरिद्वार जिला कोर्ट परिसर में स्थित मस्जिद को हटाने की मांग तेज हो गई है। हिंदू रक्षा सेवा के साधु-संतों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोर्ट परिसर से मस्जिद हटाने की अपील की है। उनका कहना है कि इस मस्जिद को दो बार सील किया जा चुका है, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार,  इस मुद्दे पर भाजपा विधायक आदेश चौहान ने जिले में अवैध मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की और इसे जरूरी बताया। वहीं, कांग्रेस विधायक रवि बहादुर ने सरकार पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन कभी इस जगह को मदरसा बताता है, तो कभी मस्जिद, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

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संत समाज और हिंदू संगठनों का विरोध

हिंदू रक्षा सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर प्रमोद आनंद गिरि ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कोर्ट परिसर से मस्जिद को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी धार्मिक ढांचे की मौजूदगी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है और यह न्याय व्यवस्था के नियमों के भी खिलाफ है।

वहीं, कुछ संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे यह मामला और गरमा गया है।

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प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजरें

हरिद्वार प्रशासन इससे पहले सुमन नगर समेत कई अन्य स्थानों पर अवैध मस्जिदों को हटाने की कार्रवाई कर चुका है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन कोर्ट परिसर में मौजूद इस मस्जिद को हटाने की कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला और विवादित रूप लेगा? सरकार और प्रशासन की अगली रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।










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