Suicide Cases In India: आखिर क्यों करते हैं लोग आत्महत्या? कैसे उठा लेते हैं इतना बड़ा कदम
आज कल एक के बाद एक कई आत्महत्या के मामले सुनने को मिल रहे हैं। डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट में जानिए कि आखिर क्यों लोग अपना जीवन खत्म करने का कठिन फैसला ले लेते हैं

नई दिल्ली: बेंगलुरु का कोई टैकी हो, या आगरा की IT कंपनी का मैनेजर या फिर कोटा में पढ़ने वाला कोई बच्चा हो। देश में लगातार बढ़ते आत्महत्या के मामले चिंता का विषय बनते जा रहा है। आत्यमहत्या कोई एक करता है और उसके पीछे रह जाता है उसका पूरा परिवार, उसके दोस्त और उससे जुड़ा हर इंसान, जो न चाहते हुए भी पूरी ज़िंदगी ये सोचता रहता है कि काश पहले पता होता तो हम रोक लेते।
आजकल जो आत्महत्या की खबरे आप सुन रहे हैं उनमें कई चीज़ें कॉमन नज़र आ रही हैं, जैसे सुसाइड करने से पहले वीडियो बनाना और अपना जीवन खत्म करने के कारणों को साफ-साफ वीडियो में बताना। दूसरी चीज़ जो आप देखेंगे वो ये है कि जो लोग आत्महत्या कर रहे हैं वह काफी पढ़े लिखे, अच्छी और बड़ी कंपनियों में काम करने वाले लोग हैं यानि वो लोग जो एक अच्छे लाइफस्टाइल को अफॉर्ड कर सकते हैं, फिर भी उनकी ज़िंदगी में ऐसा क्या हो जाता है कि वो सब कुछ भूल कर अपनी ज़िंदगी ही अपने आप से छीन लेते हैं।
पहले ऐसा सुना जाता था किसी गरीब ने पैसों या कर्ज में डूबे होने की वजह से आत्महत्या कर ली, लेकिन इन लोगों के पास लगभग सबकुछ होने के बावजूद भी आखिर क्यों ये अपना जीवन खत्म कर रहे हैं। इस बात को समझने के लिए पहले राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानि NCRB की रिपोर्ट को समझना होगा।
क्या कहती है NCRB की रिपोर्ट?
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डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, कितने और किस तबके के लोग और क्यों अपना जीवन खत्म कर रहे हैं इसका डेटा हर साल राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानि NCRB की रिपोर्ट में दिया जाता है। पिछले साल अप्रैल में NCRB ने 2022 में हुई सुसाइड का आंकड़ा जारी किया था। जिसके अनुसार, साल 2022 में भारत में कुल आत्महत्याओं में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, 2021 में 1,64,033 लोगों ने आत्महत्या की तो 2022 में ये संख्या 1,70,924 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आत्महत्या के ज़्यादातर मामले महाराष्ट्र में सामने आए, इसके बाद तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल है।
आत्महत्या करने के क्या है प्रमुख कारण?
साल 2022 में आत्महत्या के प्रमुख कारणों में पारिवारिक समस्याएं और बीमारी थीं, इसके बाद नशीली दवाओं का दुरुपयोग/शराब की लत, शादी से संबंधी मुद्दे और बाकि कारण थे।
पुरुष या महिलाएं?
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NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में कुल आत्महत्याओं में 1,22,724 पुरुष और 48,172 महिलाएं थीं। आत्महत्या करने वाले कुल 67 प्रतिशत पीड़ित (1,70,924 में से 1,14,485) विवाहित थे जबकि 24.6 प्रतिशत अविवाहित थे। आत्महत्या करने वाले विवाहित लोगों के मामले में, 83,713 पुरुष और 30,771 महिलाएं थीं।
डिप्रेशन बनती है वजह?
एलीट क्लास के लोगों की आत्महत्या करने की वजह क्या डिप्रेशन बनता है? भारत में सुसाइड करने वालों में जो सबसे बड़ी वजह देखने को मिलती है वो डिप्रेशन है।
(नोट: अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में खुदकुशी जैसा ख्याल आये तो इसे एक गंभीर मेडिकल एमरजेंसी समझें। डाइनामाइट न्यूज़ आपको तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करने की सलाह देता है। आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं। आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।)