उत्तराखंड को लेकर नई पहल, वन विभाग को लेकर किए जा रहे हैं खास काम

डीएन ब्यूरो

उत्तराखंड के जौलासाल रेंज का ऐतिहासिक सेमल का महावृक्ष खतरे में है। ऐसे में इसे देखते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

महावृक्ष  को बचाने में जुटा वन विभाग
महावृक्ष को बचाने में जुटा वन विभाग


हल्द्वानी: हल्द्वानी वन प्रभाग की जौलासाल रेंज में स्थित उत्तराखंड का ऐतिहासिक सेमल महावृक्ष अब खतरे में है। वन विभाग ने इस विशाल और 100 साल से भी अधिक पुराने सेमल वृक्ष को बचाने के लिए योजना शुरू की है। इसे "चैंपियन ट्री" के नाम से भी जाना जाता है और यह उत्तराखंड का महावृक्ष है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस वृक्ष की परिधि करीब 94 फीट (करीब 28 मीटर) है और इसकी ऊंचाई 36 मीटर तक जाती है। यह वृक्ष हल्द्वानी वन प्रभाग की जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक है। वर्ष 2015 में वन अधिकारी त्रिलोक सिंह बिष्ट, हेम पांडे और धर्म प्रकाश मौलखी की टीम ने घने जंगलों में इसकी खोज की थी।

यह भी पढ़ें | पुलिस कार्मिकों के लिए जरूरी खबर, SSP पुलिस ने दिए खास निर्देश; जानें पूरा मामला

अब सेमल महावृक्ष पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पास से गुजर रही बरसाती नदी के कारण वृक्ष की जड़ें कमजोर हो रही हैं, जिससे इसके गिरने का खतरा बढ़ रहा है। इसे नदी के कटाव से बचाने की जरूरत है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नदी किनारे तटबंध तैयार किया गया है, ताकि पेड़ के पास हो रहे कटाव को रोका जा सके। हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि जंगलों में बाघ, हाथी जैसे वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ पुराने पेड़ों का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है, ताकि जंगलों का संतुलन बना रहे। यह महावृक्ष न केवल जैव विविधता का प्रतीक है, बल्कि कई पक्षियों, कीटों, चमगादड़ों और अन्य जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण आवास है।

 

यह भी पढ़ें | Uttarakhand: रंजना काला बनीं उत्तराखंड वन विभाग की मुखिया, जानिये उनके बारे में










संबंधित समाचार