UP Politics News: सात दारोगा के हाथ-पैर तोड़ गड्ढे में फेंकवाया..,' सुल्तानपुर में संजय निषाद का विवादित बयान

डीएन ब्यूरो

यूपी के सुल्तानपुर में कैबिनेट मंत्री के बयान से हडकंप मचा गया। उन्होने भड़काऊ बयान दिया है। जिससे राजनीतिक उथल पुथल मच गई है । पढ़िए डाइनामाइट न्यूज की रिपोर्ट

क्या है मंत्री संजय निषाद की नई रणनीति
क्या है मंत्री संजय निषाद की नई रणनीति


सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डाॅ. संजय निषाद ने हाल ही में एक जनसभा में एक विवादित बयान दिया है। सुल्तानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, हम यहां तक ऐसे ही नहीं पहुंचे हैं। मैंने सात दारोगा के हाथ-पैर तोड़कर उन्हें गड्ढे में फेंकवाया है, तब जाकर यहां तक आया हूं।" उनके इस बयान ने राजनीतिक इलाकों में हड़कंप मचा दिया है और यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

संजय निषाद, जो कि इन दिनों जनाधिकारी यात्रा निकालने में व्यस्त हैं, मंगलवार को प्रतापगढ़-सुलतानपुर सीमा पर स्थित चांदा इलाके के मदारडीह गांव में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने विवादित बयान के साथ ही जनसामान्य को संबोधित किया।

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार,14 मार्च को होली के दिन दोस्तपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में एक दलित और निषाद परिवार के बीच विवाद हो गया था। इस विवाद के दौरान हुई मारपीट में एक 65 वर्षीय महिला की tragically मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और चार लोगों को जेल भेज दिया।

यह भी पढ़ें | बेटा बना हैवान! अपने ही पिता को उतारा मौत के घाट; मामला जान दहल जाएगा दिल

इस घटनाक्रम के संबंध में संजय निषाद ने कहा कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति को फर्जी तरीके से फंसाया गया है, तो उसकी जानकारी निकलवाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इस संबंध में क्षेत्रीय डीएम और एसपी से वार्ता की है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बातचीत करेंगे।

उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी निषाद समुदाय के व्यक्ति को पुलिस द्वारा गलत तरीके से परेशान नहीं किया जाएगा और यदि कोई दारोगा नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसे जेल भिजवाने का काम वे करेंगे।

मंत्री संजय निषाद की यह जनाधिकार यात्रा चुनावी वर्ष 2027 की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वे अपने समुदाय के वोट बैंक को संगठित करने के प्रयास में लगे हैं। यह यात्रा 30 नवंबर को सहारनपुर के शाकंभरी शक्ति पीठ से शुरू हुई और हाल ही में सुल्तानपुर पहुंची, जहां उन्होंने एक जनसभा में अपने विचार साझा किए।

यह भी पढ़ें | Encounter in UP: पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, चार कुख्यातों को लगी गोली, जानिये पूरा अपडेट

इस विवादित बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में संजय निषाद की कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके शब्दों पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस संदर्भ में क्या प्रतिक्रिया देता है।ऐसे में संजय निषाद के बयान ने आगामी चुनावों को लेकर नई चर्चा का विषय बना दिया है।










संबंधित समाचार