UP STF के हत्थे चढ़ा एक और गिरोह, IRCTC में नौकरी के नाम पर करते थे ठगी, 7 गिरफ्तार
आपराधिक मामलों को सुलझाने समेत अपराधियों पर नकेल कसने के लिये यूपी एसटीएफ एक के बाद एक कई चौंकाने वाले मामलों का खुलासा करने में जुटी हुई है। इसी क्रम में एसटीएफ ने फिर एक ऐसे कुख्यात गैंग का खुलासा किया, जो नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करता था। डाइनामाइट न्यूज की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..
आगरा: यूपी एसटीएफ के चीफ अमिताभ यश के निर्देश पर उनकी टीम ने एक और बड़े आपराधिक मामले का खुलासा किया। आईआरसीटीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए यूपीएसटीएफ ने सात कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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गिरप्तार किये गये आरोपियों के पास से एसटीएफ ने 18 फर्जी नियुक्ति पत्र, 17 ऑफर लेटर, डिस्पैच लिफाफे, लाखों रुपए के चेक समेत कई फोन बरामद किये है। गिरफ्तार किये गये सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि और गिरोह में शामिल अन्य ारोपियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किये गये सभी आरोपी छोटे शहरों में रहने वाले लोगों को को आईआरसीटीसी में नौकरी का झांसा देकर के अपने चंगुल में फंसा लेते थे।आईआरसीटीसी में नौकरी दिलाने के नाम रक लाखों रूपये लोगों से लेकर के फर्जी नियुक्ति पत्र दे देते थे। यूपी एसटीएफ ने इन सभी जालसाजों को आगरा से गिरफ्तार किया है।
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गिरफ्तार किये गये आरोपियों की पहचान मनोज कुमार श्रीवास्तव पुत्र मिजाजी लाल (कन्नौज), दिनेश चन्द्र पुत्र स्व. रामशरण (कन्नौज), कुंजन कुमार पुत्र विनय कुमार पटना (बिहार), साकेत बिहारी पुत्र विपिन बिहारी जहानाबाद (बिहार), प्रिन्स कुमार तिवारी पुत्र वीर बहादुर तिवारी पूर्वी चम्पारन (बिहार), जितेन्द्र पुत्र सीताराम पटना (बिहार) और अजय कुमार शाह पुत्र मेघनाथ शाह छपरा (बिहार) के रूप में की गयी। आरोपियों से पूछताछ जारी है।