Lucknow: लखनऊ में फूड पॉइजनिंग से 4 बच्चों की मौत, 20 से अधिक हॉस्पिटलाइज

डीएन ब्यूरो

राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आयी है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

फूड पॉइजनिंग से 4 बच्चों की मौत
फूड पॉइजनिंग से 4 बच्चों की मौत


लखनऊ: राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र स्थित रिहैब सेंटर में विशाक्त खाने के सेवन से चार बच्चों की मौत हो गई जबकि करीब 20 बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।

गुरुवार को इलाज के दौरान अस्पताल में भर्ती सूरज की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। इससे पहले सोमवार को शिवांक (12), मंगलवार को रेनू (15) और दीपा (12) ने दम तोड़ दिया था।

लोकबंधु अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार शाम को रिहैब सेंटर से करीब 20 बच्चों को अस्पताल लाया गया था। ये सभी बच्चे मानसिक रूप से विकलांग हैं। जब वे यहां पहुंचे तो उनमें पानी की कमी थी। हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद दो बच्चों की मौत हो गई। गंभीर रूप से बीमार दो बच्चों को KGMU में रेफर कर दिया गया है और शेष बच्चों की हालत में सुधार हुआ है।

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फूड पॉइजनिंग के शिकार बच्चे 

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार ये रिहैब सेंटर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल से चलता है। इसमें 147 बच्चे रहते हैं, जिनमें मुख्य रूप से अनाथ और मानसिक रूप से विकलांग बच्चे शामिल हैं।

डॉ. राजीव कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार सुबह इस केंद्र में रह रहे कुछ बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां एक बालिका की मंगलवार और एक बालिका कि बुधवार को मौत हुई है। दोनों की उम्र 13 साल के आसपास है। 

लखनऊ के जिलाधिकारी ने बताया कि इस आश्रय गृह की दो लड़कियों और दो लड़कों समेत कुल चार बच्चों की मौत हुई है। इनकी उम्र 12 से 17 वर्ष के बीच है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और इनके विसरा संरक्षित रखे जाएंगे। 

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 जिलाधिकारी ने बताया कि एक कमेटी बनाई है और स्वास्थ्य विभाग तथा खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी पीड़ित बच्चों से पूछताछ के लिए अस्पताल पहुंचे हैं।

डॉ. दीक्षित ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार दो बच्चों को एक दूसरे सरकारी अस्पताल के लिए रेफर किया गया है और शेष 16 बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है।

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि संस्था में मौजूद अन्य 46 बच्चों का इलाज वहीं किया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। डॉक्टरों को शक है कि दूषित भोजन या पानी से इन्फेक्शन फैला है।










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