Navratri sixth day: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, पूरी होगी सभी इच्छाएं
मां कात्यायनी की पूजा कैसे करें और इस दिन कौन से खास उपाय किए जाएं, इसे लेकर विशेषज्ञों द्वारा कई सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस दिन का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आइए डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट में जानते हैं कि छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा कैसे की जाए।

नई दिल्ली: नवरात्रि का पर्व भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के छठे दिन विशेष रूप से मां कात्यायनी की पूजा का महत्व बहुत अधिक है। मां कात्यायनी देवी का रूप अत्यधिक शक्तिशाली और कल्याणकारी माना जाता है। उनकी पूजा से जीवन के सभी कष्ट समाप्त होते हैं और भक्तों की हर इच्छा पूरी होती है। इस दिन विशेष पूजा विधि से सभी भक्तों को मानसिक शांति और समृद्धि मिलती है।
मां कात्यायनी की पूजा विधि
मां कात्यायनी की पूजा का सबसे शुभ समय आम तौर पर दिन के समय होता है, लेकिन अगर आप रात को पूजा करने का समय निर्धारित करते हैं तो भी यह प्रभावी रहती है। पूजा से पहले स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अपने घर में गंगाजल का छिड़काव करें और फिर देवी के पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें। इसके बाद गंध, फूल, दीपक और नैवेद्य चढ़ाकर मां कात्यायनी से अपने दुखों का निवारण करने के लिए प्रार्थना करें।
खास उपाय
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मंत्र का जाप: मां कात्यायनी के लिए विशेष मंत्र 'ॐ कात्यायन्यै नमः' का जाप करें। इस मंत्र का जाप एक माला यानी 108 बार करें। इसे विधिपूर्वक जाप करने से मां कात्यायनी की कृपा प्राप्त होती है और आपके जीवन में आ रही सभी बाधाओं को दूर करने में मदद मिलती है।
सप्ताह का व्रत: यदि आप पूरे नवरात्रि का व्रत नहीं कर सकते तो छठे दिन मां कात्यायनी का व्रत जरूर रखें। इस दिन विशेष रूप से 6 व्रत रखें और किसी गरीब को भोजन कराएं। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और मां कात्यायनी के आशीर्वाद से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
जप, ध्यान और यज्ञ: इस दिन अगर समय हो तो आप देवी की पूजा के साथ-साथ यज्ञ भी करें। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
स्नान और उपवासी रहें: नवरात्रि के छठे दिन विशेष रूप से उपवासी रहना चाहिए। इस दिन एक समय भोजन करें और पूजा में ध्यान केंद्रित करें। इसके साथ ही गंगा स्नान या नदियों में स्नान करके पूजा करें, यह बहुत शुभ माना जाता है।
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दीन-दुखियों की मदद: नवरात्रि के छठे दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्र, भोजन या अन्य सामान का दान करें। दान से देवी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
मां कात्यायनी का महत्व
मां कात्यायनी का संबंध महर्षि कात्यायन से है। वे अत्यंत पवित्र और तपस्वी थे। एक समय उन्हें देवी दुर्गा की पूजा की इच्छा हुई, जिसके बाद देवी ने कात्यायन के रूप में अवतार लिया। यही कारण है कि उन्हें कात्यायनी नाम से जाना जाता है। देवी का यह रूप विशेष रूप से दुर्गा के आठ रूपों में से एक माना जाता है।
मां कात्यायनी का रूप अत्यधिक शौर्य और शक्ति से युक्त है। वे अपने भक्तों को भय, संकट और शत्रुओं से मुक्ति प्रदान करती हैं। साथ ही, उनका आशीर्वाद पाने के बाद भक्तों के सभी दुख समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।