School Fee Hike: उत्तराखण्ड में कई स्कूल आयोग के निशाने पर, फीस वृद्धि पर होगी ये कार्रवाई
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) ने शिक्षा विभाग से फीस वृद्धि की शिकायत के बाद देहरादून के एक निजी स्कूल के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। पढ़िये डाइनामाइट

देहरादून: राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) ने शिक्षा विभाग से फीस वृद्धि की शिकायत के बाद देहरादून के एक निजी स्कूल के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक एससीपीसीआर की अध्यक्ष गीता खन्ना ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आयोग को हाल ही में निजी स्कूल के खिलाफ एक शिकायत मिली थी, जिसमें फीस वृद्धि और फीस वसूली के ऐसे तरीकों के आरोप शामिल थे, जो शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम का उल्लंघन करते हैं।
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इसके जवाब में आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और कथित फीस वृद्धि का आकलन करने के लिए एक संयुक्त निरीक्षण करने और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। खन्ना ने कम्पोजिट फीस जैसी अवैध प्रथाओं पर स्कूल प्रशासन के प्रति कड़ा असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यदि स्कूल नियमों का पालन करने में विफल रहता है, तो संचालन के लिए उनके अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
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आयोग ने मुस्लिम बस्ती क्षेत्र में संचालित एक मदरसा से संबंधित एक शिकायत को भी संबोधित किया। शिकायत में बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि आवश्यक मानकों का पालन न करने के कारण स्कूल को आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है। इससे बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने में दिक्कतें आ रही हैं।
खन्ना ने मदरसा प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द जरूरी मानक पूरे कर मान्यता प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक मान्यता नहीं मिल जाती, तब तक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इन बच्चों को दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला दिलाने में सहयोग करें।