गोरखपुर: 10 साल बाद मिला इंसाफ, हत्या के दोषी को कोर्ट ने सुनाई ये सजा
गोरखपुर में हत्या के दोषी को कोर्ट ने सजा का एलान किया हैं। पढिए डाइनामाइट न्यूज की पूरी खबर

गोरखपुर: जनपद के थाना गुलरिहा क्षेत्र में वर्ष 2014 में हुई हत्या के मामले में आखिरकार इंसाफ मिल गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अदालत ने आरोपी प्रदीप पासी को आजीवन कारावास और ₹30,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला और गोरखपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई।
"ऑपरेशन कनविक्शन" का असर
डाइनामाइट न्यूज संवादाता अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन कनविक्शन" के तहत इस केस की मजबूत पैरवी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह और मॉनिटरिंग सेल ने इस मामले को पूरी गंभीरता से अदालत में प्रस्तुत किया। पुलिस की पुख्ता जांच और ठोस सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया।
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क्या था मामला?
मामला वर्ष 2014 का है जब थाना गुलरिहा में मु.अ.सं. 269/2014 धारा 302 भादवि (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्त प्रदीप पासी, पुत्र बाबूलाल पासी, निवासी चरगांवा, थाना शाहपुर, गोरखपुर, पर हत्या का आरोप था। जांच और गवाहों के बयानों के बाद अदालत ने उसे अपराध का दोषी पाया।
कड़ी पैरवी से अपराधी को मिली सजा
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से ADGC श्री अतुल कुमार शुक्ल और ADGC श्री धर्मेंद्र कुमार दूबे ने दमदार पैरवी की। उनके प्रभावी तर्कों के आगे बचाव पक्ष की दलीलें कमजोर पड़ गईं। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम- 04, गोरखपुर की अदालत ने अपराधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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पुलिस और न्यायपालिका का सख्त संदेश
गोरखपुर पुलिस और न्यायपालिका ने इस फैसले के जरिए अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि कानून के लंबे हाथों से कोई भी बच नहीं सकता। पुलिस की प्रभावी पैरवी और अदालत की सख्ती से यह साबित हो गया कि अपराध कर बचने की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने के साथ ही अपराधियों के बीच खौफ भी बढ़ेगा। गोरखपुर पुलिस की इस सफलता ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।